रिश्ते:-  रिश्ते लोगों के बीच में एक बहुत ही प्यारा बंधन है,  मगर यह रिश्ते बहुत ही कच्ची डोर से बंधे हुए होते हैं चाहे कोई भी रिश्ता क्यों ना हो,  पर हमें कभी भी इन रिश्तो को तोड़ना नहीं चाहिए... !




 कहते हैं ना कि रिश्ते चाहे कितने भी बुरे क्यों ना हो  पर उन्हें कभी भी तोड़ना नहीं चाहिए...  क्योंकि जैसे "पानी कितना भी गंदा क्यों ना हो, प्यास नहीं आग तो बुझा ही सकता है" 

 1)रिश्ते बहुत नाजुक होते हैं:-

 किसी ने सही ही कहा है कि रिश्ते बहुत ही नाजुक होते हैं,  अगर बोलने में लिहाज और जुबान पर काबू ना हो तो ये कभी भी टूट सकते हैं,  रिश्ते एक बार टूटने के बाद भले ही फिर से जुड़ जाते हैं मगर वे फिर से उसी तरह से कभी नहीं जुड़ते हैं जैसे पहले थे|



इसलिए हमेशा जुबान पर काबू जरूर रखना, जो आपके साथ दिल से बात करें उसे कभी भी दिमाग से जवाब मत देना,  किसी के दिल से कही गई बात की हमेशा रिस्पेक्ट करो और उसे समझने की कोशिश करो…!

 2)अपने नजरिए को बदलें:-




 इंसान हमेशा अपने नजरिए से ही देखता है कभी दूसरों के नजरियों को समझने की कोशिश नहीं करता,  हमेशा लोगों के नजरियों से भी बात को समझने की कोशिश करें,  नहीं तो बहुत सी गलतफहमी है इसी से पैदा हो जाती है,  क्योंकि हम दूसरों को नहीं समझ पाते और वैसे भी हमें नहीं समझ पाते!

 मैं यह सोचता हूं कि हर इंसान अपनी जगह सही ही होता है,  और कोई भी इंसान अपनी सोच के हिसाब से गलत नहीं करता,  याद रखो कभी भी कोई इंसान बुरा या भला नहीं होता,  बल्कि भला और बुरा उसकी सोच होती है,

 अगर एक इंसान की सोच बदली जा सकती है तो एक भला आदमी बुरा बन सकता है और एक बुरा इंसान भला बन सकता है,  याद रखो नफरत करनी है तो इंसान से मत करो बल्कि उसकी सोच से करो अगर उसकी सोच बदली जा सकती है तो वह भी एक अच्छा इंसान बन सकता है|

 मुझे लगता है फितरत,सोच और हालात में फर्क है,  वरना इंसान कैसा भी हो दिल का बुरा नहीं होता,  लोगों के साथ प्यार से रहो, प्यार से बात करो,  याद रखो आपके शब्द बहुत कुछ बदल सकते हैं बस उन में नरमी होनी चाहिए.

 3)हर किसी को प्यार चाहिए:-




 मेरे नजरिए से बुरा से बुरा इंसान भी प्यार और रिस्पेक्ट चाहता है,  और एक सुंदर जिंदगी चाहता है!

कभी-कभी रिश्तो की डोरी तब कमजोर होती है जब इंसान गलतफहमीयों मै पैदा होने वाले सवालों के जवाब खुद ही ढूंढ लेता है और  किसी के लिए खुद ही सोच बना लेता है.

हमेशा याद रखो

 "शब्द एक ऐसी चीज है जिससे इंसान या तो दिल में उतर जाता है या तो दिल से ही उतर जाता है" 

हमें हमेशा जितना हो सके अपने रिश्तो को जोड़े रखने की मुमकिन कोशिश करनी चाहिए,  और साथ में एक बात का ध्यान रखना चाहिए कि हमारी सेल्फ रिस्पेक्ट से ऊपर कुछ नहीं है,
 किसी के सामने इतना भी मत झुक जाना कि आप उसे बहुत छोटे लगने लगे,  और वही आपके सर चढ़ने लग जाए चाहे वह आपके अपने ही क्यों ना हो!

 4)रिश्ते एक पंछी की तरह है:-




 मुझे लगता है कि रिश्ते पंछियों की तरह होते हैं,  जोर से पकड़ो तो मर भी सकते हैं,और धीरे से पकड़ो तो उड़ भी सकते हैं.  लेकिन अगर आप प्यार से पकड़ोगे तो जिंदगी भर साथ में रहते हैं जिंदगी भर साथ निभाते हैं!

 कभी रिश्तो में दरारे मत आने देना क्योंकि
"लकीरे अगर माथे पर खींची जाए तो जिंदगी बना देती हैं पर अगर रिश्तो में खींच जाए तो दीवारें बना देती हैं"


 गलतफहमी को कभी भी मन में घर बनाने मत दो,  अगर यह मन में घर बना दे तो सब कुछ बर्बाद कर जाती हैं,

छोटी सी जिंदगी है हंस के जियो भुला के गम सारे दिल से जियो,  उदासी में क्या रखा है मुस्कुरा के जियो,अपने लिए ना सही अपनों के लिए जियो!




 एट लास्ट हमें हमेशा यह याद रखना चाहिए कि कोई भी इंसान परफेक्ट नहीं होता,तो कुछ गलतियां आप अपने अपनों की माफ़ करो, और कुछ वह आपकी कर दें,तो जिंदगी सुंदर बन जाती है, हमेशा याद रखो गलतियों से ज्यादा जरूरी आपके अपने हैं... उनसे कभी भी नाता मत तोड़ो,  एक ही जिंदगी है हंस के जियो!!


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                          धन्यवाद!!!!!